BPSC शिक्षिका को बिना वारंट पुलिस ने उठाया ? अवतार नगर थाना पर गंभीर आरोप
Media Bihar No.1 ग्रामीणों के अनुसार, गांव में एक विवादित भूमि का मामला अंचलाधिकारी के पास विचाराधीन है। दिनांक 03/10/26 को शाम में एक पक्ष जमीन की साफ-सफाई कर रहा था। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने गलत सूचना देकर 112 की टीम को बुला लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस दौरान पुलिस द्वारा गाली-गलौज और राइफल के बट से मारने की धमकी दी गई।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी विवाद के अगले दिन पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और घर की बेटी, जो BPSC शिक्षिका है, को बिना वारंट के थाना ले गई। बाद में थाने में कांड संख्या 336/2026 दर्ज कर 22 लोगों को अभियुक्त बनाया गया।
पुलिस का पक्ष:
वहीं पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस बल एवं सरकारी वाहन को घेर कर हमला किया तथा वस्त्र बल गौरव कुमार के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। इसी आधार पर उक्त कांड दर्ज किया गया है।
पीड़ित पक्ष का दावा:
ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया और न ही किसी पुलिसकर्मी पर हाथ छोड़ा गया। पुलिस द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस के सही-सलामत जाने का वीडियो फुटेज साक्ष्य के तौर पर मौजूद है।मामले को लेकर राजपूत नेता विशाल सिंह ने भी शिकायतकर्ता पक्ष का समर्थन करते हुए सारण SP से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध CCTV, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए तथा किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।शिकायतकर्ता ने SP से कुल आठ बिंदुओं पर जांच और सुरक्षा की मांग की है। अब पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर:
यह खबर शिकायतकर्ता द्वारा SP को दिए गए आवेदन और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मीडिया बिहार No.1 किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। मामले के वास्तविक तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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