दिघवारा से उठी आवाज: जेपी सेनानियों को पूरा सम्मान कब?
Media Bihar No.1 | विशेष रिपोर्ट
Dighwara, 4 अप्रैल:
दिघवारा में शनिवार को जेपी आंदोलन से जुड़े सेनानियों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक स्वतंत्रता सेनानी स्व. देवेंद्र कुमार सिंह के आवास पर संपन्न हुई। बैठक का नेतृत्व महेंद्र प्रताप ने किया, जिसमें लोकतंत्र की मजबूती तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में जेपी सेनानियों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में Jayaprakash Narayan के विचारों को आगे बढ़ाने तथा आंदोलन की विरासत को सशक्त करने पर बल दिया गया।
इस अवसर पर रघुपति प्रसाद, रामबिहारी सिंह, बी.के. सिंह, कृष्ण कुमार गांधी, चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
बैठक में “जेपी सम्मान योजना” के विस्तार को लेकर चर्चा की गई तथा इसके लिए सरकार से मांग करने का निर्णय लिया गया। विषय के अध्ययन एवं समन्वय के लिए नागेश्वर प्रसाद सिंह, तेजनारायण सिंह, हरिकांत अकेला एवं डॉ. मु. मुस्तफा की अगुवाई में चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1974 के आंदोलन में शामिल अनेक सेनानी अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने पेंशन व्यवस्था में समानता लाने, सभी पात्र आंदोलनकारियों को योजना का लाभ देने तथा वर्ष 2015 के सरकारी संकल्प के अनुरूप प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत निःशुल्क बस यात्रा एवं सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा के प्रावधान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी जेपी सेनानियों को मरणोपरांत राजकीय सम्मान देने की मांग उठाई गई।

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