रातों में जागकर इतिहास लिखने वाला कवि: दिघवारा के अवधेश कुमार की अद्भुत कहानी
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| अवधेश कुमार – 200 साल पुरानी ‘मधुर जलपान’ विरासत के उत्तराधिकारी और साहित्य प्रेमी |
रिपोर्ट: अश्वनी प्रताप
दिघवारा (सारण): कभी-कभी कुछ लोग सिर्फ अपना जीवन नहीं जीते, बल्कि इतिहास, समाज और संस्कृति को भी जीने की कोशिश करते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं अवधेश कुमार (जन्म वर्ष 1957, उम्र लगभग 68 वर्ष), जो पेशे से एक मिठाई व्यवसायी हैं, लेकिन दिल से एक सच्चे कवि और कहानीकार।
रात के सन्नाटे में जन्म लेती हैं कविताएं
जब पूरा शहर सो जाता है, तब अवधेश कुमार की कलम जागती है।
रात के 2–2 बजे तक जागकर वे कविताएं और कहानियां लिखते हैं।
उनकी लेखनी किसी एक विषय तक सीमित नहीं है—
चाहे राष्ट्रीय मुद्दे हों
या स्थानीय इतिहास
या फिर बीते स्वर्णिम अध्याय
हर विषय को वे अपनी कविता और कहानी के माध्यम से जीवंत करने की कोशिश करते हैं।
फिल्मी कहानियों का भी शौक
अवधेश कुमार सिर्फ कविताएं ही नहीं लिखते, बल्कि उन्हें फिल्मी कहानियां (Script Writing) का भी गहरा शौक है।
उनका सपना है कि
“कुछ ऐसा करें, जो आज तक किसी ने न किया हो।”
उनकी सोच और कल्पना उन्हें एक अलग पहचान देती है।
200 साल पुरानी विरासत – “मधुर जलपान”
जहां एक ओर वे साहित्य की दुनिया में खोए रहते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पहचान एक सफल व्यवसायी के रूप में भी है।
उनकी दुकान “मधुर जलपान”
लगभग 200 साल पुरानी बताई जाती है
मिठाइयों के लिए पूरे इलाके में मशहूर है
दिघवारा रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित यह दुकान आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
वीरता की विरासत: स्वतंत्रता सेनानी पिता
अवधेश कुमार की कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती।
उनकी रगों में वीरता की विरासत भी बहती है।
उनके पिता एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे
जो अंग्रेजों से तलवार लेकर लड़ते थे
और जीत के बाद मिठाई बनाकर जश्न मनाते थे
यह परंपरा आज भी किसी न किसी रूप में जीवित है।
इतिहास को फिर से जीने की कोशिश
अवधेश कुमार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे
“इतिहास को सिर्फ पढ़ते नहीं, बल्कि उसे जीने की कोशिश करते हैं।”
उनकी रचनाओं में
पुरानी कहानियों की झलक
संस्कृति की गहराई
और समाज को जोड़ने का संदेश मिलता है
अवधेश कुमार उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जो एक साथ कई भूमिकाएं निभाते हैं—
एक कवि,
एक कहानीकार,
एक व्यवसायी,
और एक विरासत को आगे बढ़ाने वाले सच्चे उत्तराधिकारी।

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