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छठ से पहले शिल्पी पोखरा को चमकाने की तैयारी, विधायक छोटी कुमारी ने दिए सख्त निर्देश


 डिजिटल डेस्क Media Bihar No.1 Chapra !शहर के महत्वपूर्ण जलस्रोत शिल्पी पोखरा की बदहाल स्थिति को लेकर विधायक छोटी कुमारी ने अधिकारियों को जल्द कार्रवाई का निर्देश दिया है। पोखरा में गंदा पानी और गाद जमा होने से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। आगामी छठ पूजा को देखते हुए अब इसके जीर्णोद्धार और सफाई कार्य को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

विधायक ने नगर निगम के नगर आयुक्त को चहारदीवारी निर्माण, जलनिकासी, पोखरा की उराही, गाद हटाने और साफ-सफाई से जुड़े लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने को कहा है। स्थानीय लोगों ने भी छठ से पहले पोखरा की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की थी।

विधायक के अनुसार, शिल्पी पोखरा का मुद्दा पहले विधानसभा में भी उठाया जा चुका है और विभागीय स्तर पर कार्य जल्द पूरा कराने का आश्वासन मिला था। काम की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों से जनहित में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा।

उन्होंने कहा कि छपरा के ऐतिहासिक जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण प्राथमिकता में है, खासकर छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना जरूरी है।

मिथुन चक्रवर्ती बने बंगाल सरकार के सलाहकार, मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

डिजिटल डेस्क Media Bihar No.1| दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सलाहकार नियुक्त किया गया है और इस पद को कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा दिया गया है।सरकार की अधिसूचना के मुताबिक नियुक्ति तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक लागू रहेगी। यह विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अधीन है।मिथुन चक्रवर्ती लंबे समय से बंगाली और हिंदी फिल्म जगत से जुड़े रहे हैं। वह 2021 में भाजपा में शामिल हुए थे और पार्टी के प्रचार अभियान में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी नई भूमिका में राज्य के कला, संस्कृति और फिल्म से जुड़े मामलों पर सलाह देने की जिम्मेदारी होगी।

मिथुन को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की फिल्म और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने प


र जोर दे रही है।

साधन नहीं था, फिर भी बेटी के सपनों को पंख देने निकल पड़ा पिता


 डिजिटल डेस्क Media Bihar No.1। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए पुरानी साइकिल पर शहर लेकर पहुंचता नजर आ रहा है। परीक्षा खत्म होने के बाद रात के अंधेरे में वही पिता बेटी को साइकिल पर बैठाकर घर लौटता दिखाई देता है।वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पीछे से एक कार की तेज हेडलाइट पड़ने और कार सवार युवकों की आवाज सुनाई देने के बाद पिता ने साइकिल की रफ्तार बढ़ा दी। पिता बार-बार तेजी से पैडल मारता नजर आता है। वीडियो देखने वाले लोग इसे बेटी की सुरक्षा को लेकर पिता की चिंता और जिम्मेदारी से जोड़कर देख रहे हैं।

पिता के पास न बाइक थी, न कार। उसके पास थी तो सिर्फ एक पुरानी साइकिल, लेकिन बेटी की पढ़ाई और उसके बेहतर भविष्य के लिए उसका हौसला मजबूत था। जिस साइकिल पर बेटी बैठी थी, उसमें सिर्फ एक बेटी नहीं, बल्कि उसके सपने और पिता की उम्मीदें भी दिखाई देती हैं।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रहा है और एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए साधन नहीं, पिता का हौसला सबसे बड़ा सहारा होता है।

BPSC शिक्षिका को बिना वारंट पुलिस ने उठाया ? अवतार नगर थाना पर गंभीर आरोप

   Media Bihar No.1   ग्रामीणों के अनुसार, गांव में एक विवादित भूमि का मामला अंचलाधिकारी के पास विचाराधीन है। दिनांक 03/10/26 को शाम में एक पक्ष जमीन की साफ-सफाई कर रहा था। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने गलत सूचना देकर 112 की टीम को बुला लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस दौरान पुलिस द्वारा गाली-गलौज और राइफल के बट से मारने की धमकी दी गई।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी विवाद के अगले दिन पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और घर की बेटी, जो BPSC शिक्षिका है, को बिना वारंट के थाना ले गई। बाद में थाने में कांड संख्या 336/2026 दर्ज कर 22 लोगों को अभियुक्त बनाया गया।

पुलिस का पक्ष:

वहीं पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने पुलिस बल एवं सरकारी वाहन को घेर कर हमला किया तथा वस्त्र बल गौरव कुमार के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। इसी आधार पर उक्त कांड दर्ज किया गया है।

पीड़ित पक्ष का दावा:

ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया गया और न ही किसी पुलिसकर्मी पर हाथ छोड़ा गया। पुलिस द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस के सही-सलामत जाने का वीडियो फुटेज साक्ष्य के तौर पर मौजूद है।मामले को लेकर राजपूत नेता विशाल सिंह ने भी शिकायतकर्ता पक्ष का समर्थन करते हुए सारण SP से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध CCTV, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए तथा किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।शिकायतकर्ता ने SP से कुल आठ बिंदुओं पर जांच और सुरक्षा की मांग की है। अब पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

डिस्क्लेमर:

यह खबर शिकायतकर्ता द्वारा SP को दिए गए आवेदन और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मीडिया बिहार No.1 किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। मामले के वास्तविक तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

बेटियों की पहल से बाढ़ प्रभावितों तक पहुंच रही मदद, दिघवारा की बेटियों ने पेश की संवेदना की मिसाल


  Media Bihar No.1 Dighwara । बाढ़ की त्रासदी के बीच जब कई परिवार मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं, ऐसे वक्त में दिघवारा की बेटियों ने संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। बेटियों की पहल से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।इस मानवीय पहल में मलखाचक की बेटी मुस्कान सिंह, पिता अजय कुमार सिंह, के साथ तनु कुमारी, रानी कुमारी और सोनी कुमारी सक्रिय रूप से राहत कार्य में जुटी हैं। उनके साथ बमबम सिंह, पिता अजय कुमार सिंह, किकबॉक्सर निशांत सिंह, शीतलपुर दरोगा जी के पुत्र निखिल कुमार और शुभम तिवारी समेत अन्य युवा भी सहयोग कर रहे हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर टीम जरूरतमंद परिवारों की परेशानी समझ रही है और अपनी क्षमता के अनुसार राहत सामग्री व आवश्यक सामान उपलब्ध करा रही है। खासकर महिलाओं और बच्चों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

मुश्किल घड़ी में बेटियों ने बढ़ाया मदद का हाथ

बाढ़ के पानी के बीच घर-परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने से लोगों के सामने कई तरह की परेशानियां हैं। ऐसे समय में इन बेटियों का आगे आना प्रभावित परिवारों के लिए सिर्फ मदद नहीं, बल्कि यह एहसास भी है कि संकट की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।

मुस्कान सिंह और उनकी साथी बेटियों की पहल ने यह संदेश दिया है कि समाज सेवा के लिए उम्र या संसाधन नहीं, बल्कि संवेदना और इच्छाशक्ति जरूरी है। दिघवारा के बेटों के साथ बेटियों का यह कदम बाढ़ आपदा के बीच इंसानियत की एक भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर पेश कर रहा है।

पटना से दिल्ली तक सुनाई देगी जीत की धमक! नीरज कुमार का बड़ा दावा, बोले- यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं होगी


Patna Media Bihar No.1 |Ashwani Pratap Singh
: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। जेडीयू प्रत्याशी और मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद उन्होंने अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा किया और कहा कि इस जीत की “धमक पटना से दिल्ली तक सुनाई देगी।”नीरज कुमार ने कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में होने वाली जीत महज एक चुनावी जीत नहीं होगी, बल्कि इसका व्यापक राजनीतिक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी व्यक्ति का मुकाम ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों का समर्थन और लोगों का स्नेह महत्वपूर्ण होता है। नीरज कुमार ने अपने विरोधियों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि वह धनबल के मामले में भले मजबूत नहीं हैं, लेकिन लोगों के स्नेह और समर्थन के मामले में काफी समृद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ईर्ष्या और द्वेष का शिकार बनाया जा सकता है, लेकिन वह किसी की दया का

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच तकरार में नया मोड़, ललन सिंह की मुलाकात के बाद क्या बदला?

 पटना: Media Bihar No.1 बिहार की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा मामला चर्चा में है, जिसे सिर्फ दो नेताओं की नाराजगी कहकर खत्म करना आसान नहीं है। मामला जेडीयू के अनंत सिंह और पार्टी के विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद का है। इस विवाद को सुलझाने के लिए अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को आगे आना पड़ा है।अनंत सिंह ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह पटना स्नातक सीट से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के लिए वोट नहीं मांगेंगे। इतना ही नहीं, वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में भी नजर आए। इसके बाद पार्टी के अंदर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल बढ़ गई।



आखिर अनंत सिंह की नाराजगी है किस बात को लेकर?

यह नाराजगी अचानक सामने नहीं आई है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक खींचतान रही है। ललन सिंह ने भी अब खुलकर इस बात का जिक्र किया है।ललन सिंह के मुताबिक, पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ जिस तरह से प्रचार और बयानबाजी हुई, उससे वह नाराज हैं। उनका कहना है कि उस समय पार्टी को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।यही पुरानी बात अब MLC चुनाव के समय फिर सामने आ गई है। ललन सिंह ने यहां तक कहा कि “हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है” और एक हाथ से ताली नहीं बजती।

ललन सिंह ने अनंत सिंह से क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत की। बातचीत के बाद एक बात जरूर सामने आई है कि अनंत सिंह अब नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी नहीं करेंगे।

लेकिन कहानी यहां पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अनंत सिंह नीरज कुमार के लिए प्रचार करने को तैयार नहीं हैं। यानी पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खुलकर बोलने से तो वह पीछे हट गए हैं, लेकिन समर्थन देने की स्थिति में भी फिलहाल नहीं हैं।

उधर नीरज कुमार के साथ कौन?

इस पूरे विवाद में एक और तस्वीर सामने आई है। नीरज कुमार के नामांकन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार उनके समर्थन में नजर आए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से नीरज कुमार के पक्ष में अभियान चलाने की अपील भी की।यानी एक तरफ अनंत सिंह अपने पुराने गिले-शिकवे को लेकर नीरज से दूरी बनाए हुए हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी के कुछ


बड़े चेहरे नीरज के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात भी चर्चा में

विवाद के बीच नीतीश कुमार का ललन सिंह से मिलना भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई।हालांकि इस मुलाकात में क्या बात हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस बैठक को लेकर चल रही अलग-अलग चर्चाओं को फिलहाल सिर्फ राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

अब असली सवाल यही है...

अनंत सिंह का रुख नरम हुआ है या सिर्फ बयानबाजी पर रोक लगी है? नीरज कुमार को पार्टी का पूरा समर्थन मिल पाएगा? और सबसे बड़ी बात—क्या यह विवाद आने वाले MLC चुनाव में जेडीयू के लिए परेशानी बढ़ाएगा?फिलहाल इतना जरूर है कि ललन सिंह की बातचीत के बाद विवाद को सार्वजनिक बयानबाजी के स्तर पर कुछ हद तक रोकने की कोशिश हुई है। लेकिन अनंत सिंह का नीरज कुमार के लिए प्रचार नहीं करना बताता है कि दोनों के बीच की दूरी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू नेतृत्व इस पूरे मामले को किस तरह संभालता है।